लखनऊ में विश्वकर्मा समाज के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी पर मंथन

लखनऊ विश्वकर्मा समाज के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी पर मंथन
लखनऊ की प्रदेश स्तरीय बैठक में जुटे समाज के प्रतिनिधि, एकजुटता और संगठन मजबूत करने का संकल्प
पीलीभीत। राजधानी लखनऊ में विश्वकर्मा समाज की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेशभर से पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने समाज के सर्वांगीण विकास, राजनीतिक भागीदारी और अधिकारों को लेकर विचार-विमर्श किया। बैठक में पीलीभीत के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।बैठक में समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश सचिव एवं पीलीभीत सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट शिव शर्मा के साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव आसरे विश्वकर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के पीलीभीत जिलाध्यक्ष संदीप शर्मा और वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र शर्मा ने भी प्रतिभाग किया।बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विश्वकर्मा समाज का देश और प्रदेश के निर्माण एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन आबादी और योगदान के अनुपात में समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका है। इस स्थिति में बदलाव के लिए समाज को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी।एडवोकेट शिव शर्मा ने कहा कि समाज को शैक्षणिक, आर्थिक और कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए एकजुटता जरूरी है। अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों को आगे आकर वंचित एवं कमजोर वर्ग के लोगों की आवाज बनना चाहिए। उन्होंने समाजवादी विचारधारा के साथ मिलकर अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने पर जोर दिया।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव आसरे विश्वकर्मा ने समाज के मान-सम्मान और अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने की बात कही। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और युवाओं को आगे लाने का आह्वान किया।बैठक में संदीप शर्मा और राजेन्द्र शर्मा ने पीलीभीत में संगठन की ओर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी साझा की। अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर विश्वकर्मा समाज के उत्थान, अधिकारों और सामाजिक भागीदारी के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया गया।



