हाथियों का कहर, किसानों की फसलें रौंदी, सूचना पर नही पहुंचे वनकर्मी, खेतों पर रखवाली करने पहुंचे किसान

हाथियों का कहर, किसानों की फसलें रौंदी, सूचना पर नही पहुंचे वनकर्मी, खेतों पर रखवाली करने पहुंचे किसान
पूरनपुर,पीलीभीत।पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में जंगली हाथियों के झुंड ने पिपरिया संतोष गांव के नजदीक डेरा जमा लिया है। जंगल किनारे खेतों में खड़ी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाए जाने से किसान परेशान हैं। हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों की मेहनत पर पानी फिर रहा है, वहीं फसल बचाने के लिए उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है।शुक्रवार रात हाथियों के झुंड ने कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव पिपरिया संतोष गांव के प्रदीप और राजेंद्र के खेतों में पहुंचकर फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। इससे पहले भी वन्यजीव गांव के बीरपाल, मुरारी लाल, धनीराम, गेदन लाल, तिलक राम, पोथीराम, बाबूराम, सीताराम और राधे समेत कई ग्रामीणों की कई एकड़ फसल नष्ट कर चुके हैं। शनिवार शाम हाथियों का झुंड एक बार फिर खेतों के नजदीक पहुंच गया। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने खेतों पर पहुंच गए। ग्रामीणों की हलचल के बीच हाथियों का झुंड जंगल में छिप गया। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत है। फसल को बचाने के लिए किसान खेतों के आसपास निगरानी करने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि जंगली हाथियों समेत अन्य वन्यजीव लगातार उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसकी सूचना देने के बावजूद वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचते। ऐसे में किसानों को खुद ही जान जोखिम में डालकर फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। वन विभाग की टीम के समय पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी है।प्रदीप राठौर ने बताया कि पिछले साल भी हाथियों ने उनकी फसल नष्ट कर दी थी। इसके एवज में सरकार की ओर से उनके बैंक खाते में मुआवजे की रकम भेजी गई थी, लेकिन बाद में वह धनराशि वापस ले ली गई। ऐसे में हाथियों से फसल बर्बाद होने के साथ मुआवजे को लेकर भी किसान परेशान हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी कराने और फसल नुकसान से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा जताई है।



