देवहा नदी किनारे बाढ़ से निपटने का रिहर्सल, एसडीआरएफ ने दिखाया रेस्क्यू का दम
मॉक ड्रिल में नाव, लाइफ जैकेट और रिमोट कंट्रोल लाइफ बॉय की जांच

देवहा नदी किनारे बाढ़ से निपटने का रिहर्सल, एसडीआरएफ ने दिखाया रेस्क्यू का दम
मॉक ड्रिल में नाव, लाइफ जैकेट और रिमोट कंट्रोल लाइफ बॉय की जांच
पीलीभीत। मानसून और संभावित बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने देवहा नदी के निकट मुक्तिधाम पर व्यापक बाढ़ मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया। इस दौरान प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। अभ्यास के दौरान बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले संसाधनों और उपकरणों की कार्यक्षमता परखी गई। नाव, लाइफ जैकेट, सर्च लाइट, ओबीएम इंजन और संचार उपकरणों का परीक्षण किया गया।
एसडीआरएफ टीम के उपनिरीक्षक विशाल मौर्य के नेतृत्व में टीम ने मोटर बोट और रिमोट कंट्रोल लाइफ बॉय तकनीक का उपयोग करते हुए पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रदर्शन किया। स्थानीय गोताखोरों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया गया। वहीं मेडिकल टीम ने रेस्क्यू किए गए लोगों को प्राथमिक उपचार देने का भी प्रदर्शन किया।मॉक ड्रिल के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रसून द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर, उपजिलाधिकारी सदर श्रद्धा सिंह, नायब तहसीलदार ऋषि मिश्रा, प्रखर सिंह, परितोष द्विवेदी, आपदा विशेषज्ञ भगवती प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।प्रशासन ने संदेश दिया कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि प्रशासन और राहत एजेंसियां हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।



