यूपी

मेंहदी लगे हाथों से छूटी शादी की रस्म, नाबालिग को मिला पढ़ाई का अधिकार

बालिका बोली- मुझे पढ़ना है, टीम ने रुकवाई सगाई और बचाया भविष्य

मेंहदी लगे हाथों से छूटी शादी की रस्म, नाबालिग को मिला पढ़ाई का अधिकार

बालिका बोली- मुझे पढ़ना है, टीम ने रुकवाई सगाई और बचाया भविष्य

पीलीभीत। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस की तत्परता से एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। थाना गजरौला क्षेत्र के एक गांव में बाल विवाह की सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर सगाई की रस्म रुकवाई और बालिका को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक किया।शिकायत मिलने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक निर्वान सिंह, एसजेपीयू प्रभारी निरीक्षक गोविंद सिंह तथा पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि बालिका का विवाह आगामी 8 जुलाई 2026 को प्रस्तावित था और उसी दिन उसकी सगाई की तैयारी चल रही थी।काउंसलिंग के दौरान बालिका ने बताया कि उसने इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है और वह आगे पढ़ाई करना चाहती है। उसने कहा कि परिजन उसकी इच्छा के विपरीत सगाई कर रहे हैं। उस समय उसके हाथों में मेंहदी भी लगी हुई थी और सगाई की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं।

टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना दंडनीय अपराध है। कानूनी प्रावधानों और संभावित कार्रवाई से अवगत कराने के बाद परिजन बाल विवाह न कराने पर सहमत हो गए।

ग्राम स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की मौजूदगी में बाल विवाह रोकने की कार्रवाई पूरी की गई। अधिकारियों ने बताया कि बालिका को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्रवाई को बाल अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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