व्यापारी नेता के खाते से 18 लाख से अधिक की साइबर ठगी, UPI के जरिए रकम उड़ाई

व्यापारी नेता के खाते से 18 लाख से अधिक की साइबर ठगी, UPI के जरिए रकम उड़ाई
पीलीभीत। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल बीसलपुर के नगर अध्यक्ष राकेश मित्तल के साथ शुक्रवार को साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने UPI के माध्यम से उनके बैंक खातों से करीब 18 लाख से अधिक रुपये की डिजिटल धोखाधड़ी कर दी। खाते से लगातार हुए ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलने के बाद व्यापारी और उनके परिवार के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल बैंक पहुंचकर मामले की जानकारी दी और पुलिस प्रशासन व साइबर सेल को भी सूचित किया।राकेश मित्तल के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे उनके खाते से पहले एक ट्रांजैक्शन हुआ। इसके बाद 19,999 रुपये के तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए गए। इसके बाद साइबर ठगों ने दो अलग-अलग बैंकों से करीब 20 और ट्रांजैक्शन किए। लगातार रकम निकलने की जानकारी होने तक उनके खातों से लगभग साढ़े 17 लाख से अधिक रुपये की रकम कट चुकी थी। कुल मिलाकर ठगी की रकम करीब 18 लाख रुपये बताई जा रही है।अचानक खाते से बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलते ही राकेश मित्तल तत्काल बैंक पहुंचे। उन्होंने बैंक अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया और खाते से हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी दी। घटना की सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन और संबंधित साइबर सेल को भी दे दी गई है। पुलिस और साइबर टीम मामले की जांच में जुट गई है तथा संदिग्ध ट्रांजैक्शन और रकम के लेनदेन से जुड़े विवरण खंगाले जा रहे हैं।घटना के बाद व्यापारी नेता का परिवार काफी सहमा हुआ है। वहीं बड़ी रकम की साइबर ठगी की जानकारी से स्थानीय व्यापारियों में भी चिंता का माहौल है। व्यापारियों ने साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और ठगी की रकम को जल्द से जल्द वापस कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, पीलीभीत के जिलाध्यक्ष एमए जिलानी ने घटना की जानकारी मिलने पर कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि राकेश मित्तल के साथ हुई साइबर ठगी के संबंध में उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों से डिजिटल लेनदेन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
डिजिटल लेनदेन में सावधानी जरूरी
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने व्यापारियों और आम लोगों से अपील की है कि UPI या ऑनलाइन बैंकिंग करते समय किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, UPI PIN अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने अथवा अनजान व्यक्ति के निर्देश पर लेनदेन करने से भी बचें। खाते से किसी तरह का संदिग्ध ट्रांजैक्शन होने पर तत्काल बैंक और साइबर अपराध से संबंधित पुलिस इकाई को सूचना देने की अपील की गई है।




