जनता पर सख्ती, अपने पर नरमी? निजी बुलेट में हूटर लगाकर घूम रहा पुलिस कर्मी

जनता पर सख्ती, अपने पर नरमी? निजी बुलेट में हूटर लगाकर घूम रहा पुलिस कर्मी
पीलीभीत। एक ओर पुलिस अवैध हूटर, मॉडिफाइड साइलेंसर और यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर माधोटांडा थाने में तैनात एक पुलिस कर्मी की निजी बुलेट मोटरसाइकिल में हूटर लगे होने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। घटना के सामने आने के बाद लोगों ने कार्रवाई में समानता और नियमों के निष्पक्ष अनुपालन पर सवाल खड़े किए हैं।माधोटांडा थाने में तैनात एक पुलिस कर्मी
की निजी बुलेट मोटरसाइकिल में हूटर लगे होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आम लोगों का कहना है कि जहां एक ओर पुलिस यातायात नियमों का पालन कराने के लिए अभियान चलाती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी तंत्र से जुड़े कुछ लोग खुद नियमों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं।जानकारी के अनुसार, पुलिस कर्मी अपनी निजी बुलेट मोटरसाइकिल पर हूटर लगाकर चलता दिखाई दिया। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है और सवाल उठ रहे हैं कि जब आम नागरिकों के वाहनों पर अवैध हूटर और संशोधित उपकरणों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो सरकारी कर्मचारियों के मामले में नियमों का पालन क्यों नहीं कराया जाता।मोटर वाहन अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हूटर या सायरन का उपयोग केवल आपातकालीन वाहनों, जैसे एम्बुलेंस, दमकल विभाग तथा आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के अधिकृत वाहनों तक सीमित है। निजी वाहनों में हूटर का प्रयोग नियमों के विरुद्ध माना जाता है।मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने की मांग की है।गौरतलब है कि एक दिन पहले ही सुनगढ़ी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक बाइकों से मॉडिफाइड साइलेंसर उतरवाए थे। इसके बाद थाने के सामने साइलेंसरों पर रोलर चलाया गया। इस कार्रवाई के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि कानून का डंडा केवल आम जनता तक ही सीमित है या सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारी और अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होगा।



