लल्ला ने चार साल बाद फिर दोहराई ‘रेत’ वाली कहानी, साथी संग मिलकर होमगार्ड को पीटकर ट्रैक्टर लेकर भागे
डंपरों से बंपर खनन

रिजवान ने चार साल बाद फिर दोहराई गई ‘रेत’ वाली कहानी, होमगार्ड से मारपीट कर ट्रैक्टर लेकर भागे
पीलीभीत। शनिवार अबैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान होमगार्ड से मारपीट कर जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाकर ले जाने का मामला सामने आने के बाद चार साल पुरानी घटना भी फिर चर्चा में आ गई है। वर्ष 2022 में भी अहमदनगर निवासी रिजवान और उसके साथी पर अवैध रेत के मामले में कार्रवाई के दौरान तहसील की अभिरक्षा में तैनात होमगार्ड से मारपीट और जब्त रेत लेकर भागने का आरोप लगा था। अब 19 सितंबर को इसी तरह की घटना में रिजवान उर्फ लल्ला और उसके साथी मोहसिन समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। 11 दिसंबर 2022 को सुपर मार्केट में अवैध रेत के ढेर मिलने के बाद लेखपाल अनिल कुमार की ओर से कार्रवाई कराई गई थी। 13 दिसंबर को जब्त रेत को कर्बला स्थित रामलीला मैदान में रखवाया गया था। आरोप है कि इसी दौरान रिजवान और उसके साथी ने तहसीलदार की अभिरक्षा में तैनात होमगार्ड डोरी लाल के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखी जब्त रेत पलटकर वाहन लेकर भागने का आरोप लगाया गया था।अब फिर कार्रवाई के दौरान होमगार्ड को बनाया निशाना19 सितंबर को एसडीएम मयंक गोस्वामी को क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना मिली थी। ब्लॉक रोड पर महिला अस्पताल के पास मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर चालक मोहसिन से खनन संबंधी दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेज नहीं मिलने पर एसडीएम ने सुरक्षा में तैनात होमगार्ड वीरेन्द्र कुमार को वाहन तहसील ले जाने के निर्देश दिए।आरोप है कि रास्ते में चालक ने ट्रैक्टर रोककर ट्रॉली में भरी मिट्टी पलटनी शुरू कर दी। होमगार्ड ने विरोध किया तो रिजवान उर्फ लल्ला समेत अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया गया। आरोप है कि इसके बाद होमगार्ड के साथ मारपीट की गई और मिट्टी पलटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आरोपित फरार हो गए। चार साल में बदले चेहरे, लेकिन घटना का तरीका लगभग वही 2022 में होमगार्ड डोरी लाल के साथ मारपीट और जब्त रेत लेकर भागने के आरोप लगे थे। अब 2026 में होमगार्ड वीरेन्द्र कुमार के साथ मारपीट कर जब्त खनन वाहन ले जाने का आरोप सामने आया है। दोनों घटनाओं में जब्त खनन सामग्री को रास्ते में पलटने और वाहन लेकर भागने का आरोप सामने आने से पुराने मामले की चर्चा फिर तेज हो गई है।मामले में पुलिस ने रिजवान उर्फ लल्ला और मोहसिन को नामजद करते हुए पांच अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर कार्रवाई, बड़े पैमाने पर मिट्टी ढो रहे डंपरों पर कब होगी कार्रवाई??
पीलीभीत। पूरनपुर तहसील क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शनिवार सुबह शेरपुर कलां के नजदीक मिट्टी भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़कर उन्हें चौकी पर खड़ा करा दिया गया, लेकिन क्षेत्र में कथित तौर पर धड़ल्ले से मिट्टी ढो रहे डंपरों पर कार्रवाई न होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।शनिवार सुबह करीब सात बजे उपजिलाधिकारी मयंक गोस्वामी के निर्देशन में प्रशासनिक टीम ने शेरपुर कलां के नजदीक छापेमारी की। टीम ने मौके से मिट्टी भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ लीं। दोनों वाहनों को बंद कराकर शेरपुर कलां चौकी पर खड़ा कराया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन और खनन सामग्री के परिवहन में लगे लोगों में खलबली मची।हालांकि, कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल डंपरों को लेकर खड़ा हो गया है। क्षेत्र में लोगों का आरोप है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ ही बड़ी संख्या में डंपरों से भी मिट्टी का परिवहन किया जा रहा है। हाईवे किनारे स्थित प्लाटों में मिट्टी का पटान कराने के लिए डंपरों से मिट्टी पहुंचाए जाने की चर्चाएं हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान चल रहा है तो डंपरों पर कार्रवाई कब होगी।कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में भी डंपरों को लेकर सवाल उठाए गए। लोगों का कहना है कि छोटे वाहनों पर कार्रवाई दिखाई दे रही है, जबकि बड़े वाहनों की गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, डंपरों के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया कि शेरपुर के नजदीक मिट्टी भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी गई हैं। डंपरों के चलने की जानकारी फिलहाल नहीं है। जानकारी मिलने पर आवश्यकतानुसार छापेमारी की जाएगी।अब देखना यह है कि प्रशासन की कार्रवाई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों तक सीमित रहती है या कथित तौर पर मिट्टी के अवैध परिवहन में इस्तेमाल हो रहे डंपरों की भी जांच कर कार्रवाई की जाती है। फिलहाल दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कार्रवाई के बाद डंपरों पर प्रशासन की नजर कब पड़ती है, इस पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।




