एसी में अफसर, गर्मी में जनता बेहाल; अघोषित कटौती पर बिजलीघर पर हाई बोल्टेज हंगामा

एसी में अफसर, गर्मी में जनता बेहाल; अघोषित कटौती पर बिजलीघर पर हाई बोल्टेज हंगामा
पूरनपुर/पीलीभीत।भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और रातभर की जा रही लंबी रोस्टिंग ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। गुरुवार को शेरपुर फीडर क्षेत्र के उपभोक्ताओं, व्यापारियों और ग्रामीणों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब देर रात तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बिना किसी सूचना के घंटों कटौती किए जाने से परेशान लोग एकजुट होकर पूरनपुर 132 बिजलीघर पहुंच गए। यहां लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही तथा मनमानी का आरोप लगाया।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछले कई दिनों से रातभर करीब छह घंटे की रोस्टिंग की जा रही है, जिससे लोगों को पूरी रात जागकर काटनी पड़ रही है। भीषण उमस और मच्छरों के आतंक ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि मजदूर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। रातभर बिजली न होने के कारण लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं, ऐसे में सुबह मेहनत मजदूरी करने वाले मजदूर आखिर कैसे काम पर जाएंगे। लोगों का कहना है कि बिजली संकट ने गरीब और मेहनतकश वर्ग की कमर तोड़ दी है।महिलाओं ने बताया कि छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में पंखे और कूलर बंद पड़े रहते हैं, जिससे लोग गर्मी में तड़पने को मजबूर हैं। कई इलाकों में पानी की समस्या भी गहरा गई है, क्योंकि बिजली न होने से मोटर और सबमर्सिबल नहीं चल पा रहे हैं।उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी वातानुकूलित कमरों में आराम से सो रहे हैं, जबकि आम जनता गर्मी में पिस रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शिकायत करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन किए जाते हैं तो अधिकतर फोन स्विच ऑफ मिलते हैं। इससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।व्यापारियों ने कहा कि बिजली कटौती का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। रात में बिजली न होने से दुकानों और छोटे व्यापारियों का काम प्रभावित हो रहा है। लोगों ने कहा कि सरकार बेहतर बिजली व्यवस्था के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गुस्साए उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अघोषित कटौती बंद नहीं हुई और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। लोगों ने साफ कहा कि अब जनता चुप बैठने वाली नहीं है। जरूरत पड़ने पर बिजलीघर का घेराव कर उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी।




