पहली बारिश में खुली सफाई व्यवस्था की पोल, सड़क पर जलभराव से ग्रामीणों में रोष

पहली बारिश में खुली सफाई व्यवस्था की पोल, सड़क पर जलभराव से ग्रामीणों में रोष
फैजान खान गोरा
पूरनपुर/पीलीभीत।विकासखंड पूरनपुर के थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत केसरपुर कलां में पहली ही बारिश ने ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था और स्वच्छता अभियान की हकीकत उजागर कर दी। गांव की गलियों और मुख्य मार्गों पर बारिश का पानी भर जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित रूप से सफाई कर्मी गांव नहीं आते, जिसके कारण नालियां गंदगी से पूरी तरह चोक पड़ी हैं और उनका पानी सीधे सड़कों पर फैल रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से गांवों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई देते हैं। पहली ही बरसात में जलभराव ने विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। गांव की कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से पैदल राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से नालियों की सफाई कराने की मांग की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई कराई जाती तो बारिश का पानी सड़कों पर जमा नहीं होता। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में नियमित रूप से सफाई कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, बंद पड़ी नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए और जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण सामूहिक रूप से प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि कागजों में स्वच्छता अभियान सफल दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत बदहाल सफाई व्यवस्था और जलभराव के रूप में सबके सामने है।


