राणा प्रतापनगर और नहरोसा में कटान रोकने को युद्धस्तर पर काम, हालात नियंत्रण में
राजस्व और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर डटीं, लगातार की जा रही निगरानी

राणा प्रतापनगर और नहरोसा में कटान रोकने को युद्धस्तर पर काम, हालात नियंत्रण में
राजस्व और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर डटीं, लगातार की जा रही निगरानी
पूरनपुर/पीलीभीत।तहसील क्षेत्र में नदी के कटान की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। राणा प्रतापनगर और नहरोसा गांव में कटान की सूचना मिलते ही राजस्व एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दोनों स्थानों पर संयुक्त टीमों ने स्थलीय निरीक्षण कर कटान की स्थिति का आकलन किया और बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाए।राणा प्रतापनगर में कटान की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राजस्व एवं सिंचाई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इसके बाद कटान निरोधक कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया गया। विभागीय कर्मचारियों द्वारा लगातार बचाव कार्य किया जा रहा है, ताकि कटान को आगे बढ़ने से रोका जा सके और आसपास के क्षेत्र को किसी भी संभावित नुकसान से सुरक्षित रखा जा सके। अधिकारियों की निगरानी में चल रहे प्रभावी कार्य के चलते फिलहाल राणा प्रतापनगर में कटान की स्थिति नियंत्रण में बताई गई है।इसी तरह ग्राम नहरोसा में भी कटान की सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। स्थिति का जायजा लेने के बाद आवश्यक कटान निरोधक कार्य कराया गया। समय रहते किए गए बचाव कार्य के बाद नेहरोसा में भी स्थिति नियंत्रण में है।प्रशासन की ओर से दोनों स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राजस्व और सिंचाई विभाग की टीमें लगातार मौके पर निगरानी रख रही हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें।ग्रामीणों को भी प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी बनाए रखने के साथ ही आवश्यक संसाधनों को भी तैयार रखा जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव एवं कटान निरोधक कार्य को तत्काल तेज किया जा सके।प्रशासन का कहना है कि फिलहाल दोनों स्थानों पर स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार हैं। अधिकारियों द्वारा मौके की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता नदी के कटान को रोकना और ग्रामीण आबादी व आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखना है।




