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55 साल से कायम है राखी का रिश्ता, फराना ने पेश की हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

55 साल से कायम है राखी का रिश्ता, फराना ने पेश की हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

पीलीभीत। जहां मौजूदा दौर में समाज में नफरत की दीवारें खड़ी करने की कोशिशें हो रही हैं, वहीं पीलीभीत निवासी फराना पिछले 55 वर्षों से हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश कर रही हैं। फराना ने नगर निवासी केवल सिंह उर्फ चग्गू और सुखबिंदर सिंह उर्फ सुक्खी को अपना मुंहबोला भाई बनाया है। वह पिछले 55 सालों से लगातार रक्षाबंधन पर दोनों भाइयों की कलाई पर राखी बांधती आ रही हैं।यह प्रेम और भाईचारे का रिश्ता तब शुरू हुआ था, जब फराना महज आठ वर्ष की थीं। फराना पूरनपुर तहसील के ट्रेजरी विभाग में कार्यरत रहे स्वर्गीय फजल समद की पुत्री हैं। उन्होंने बताया कि बचपन में बना यह रिश्ता समय के साथ और मजबूत होता गया। बीते साढ़े पांच दशकों में कई उतार- चढ़ाव आए, लेकिन राखी बांधने की परंपरा कभी नहीं टूटी।फराना के मुताबिक कोरोना महामारी जैसी विषम परिस्थितियां हों या नोटबंदी का दौर, उन्होंने हर मुश्किल के बीच अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला जारी रखा। हर रक्षाबंधन पर वह अपने भाइयों के घर पहुंचती हैं और पूरे स्नेह के साथ उन्हें राखी बांधती हैं।आज जब समाज में धर्म के नाम पर दूरियां बढ़ाने की कोशिशें देखने को मिलती हैं, ऐसे समय में फराना का यह रिश्ता गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की मिसाल बनकर सामने आया है। उन्होंने अपने रिश्ते से संदेश दिया है कि इंसानियत, प्रेम और भाईचारे के आगे धर्म की दीवारें छोटी पड़ जाती हैं।फराना और उनके मुंहबोले भाइयों का यह रिश्ता क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे आपसी प्रेम, विश्वास और हिंदू-मुस्लिम एकता का जीवंत उदाहरण बताते हुए इसकी सराहना कर रहे हैं।

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