सड़कों पर भटकते गोवंश को मिला घर का ठिकाना, जिला पंचायत अध्यक्ष ने पेश की मिसाल
सराहनीय पहल

सड़कों पर भटकते गोवंश को मिला घर का ठिकाना, जिला पंचायत अध्यक्ष ने पेश की मिसाल
पीलीभीत। जिले में जगह-जगह गौशालाएं संचालित होने के बावजूद सड़कों, बाजारों और खेतों में बेसहारा गोवंश का घूमना अब भी बड़ी समस्या बना हुआ है। आए दिन गोवंश सड़क हादसों का शिकार होते हैं और खेतों में पहुंचकर किसानों की फसलों को नुकसान भी पहुंचाते हैं। ऐसे हालात के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष ने बेसहारा गाय को अपने घर में आश्रय देकर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है।दो दिन पूर्व एक बेसहारा गाय भटकते हुए पीलीभीत में जिला पंचायत अध्यक्ष के आवास पर पहुंच गई। गाय की हालत को देखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने उसे बाहर छोड़ने के बजाय तत्काल उसके रहने और खाने की व्यवस्था कराई। पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचना देकर गाय का उपचार भी कराया गया। सुरक्षित वातावरण और उचित देखभाल के बीच गाय ने आवास परिसर में बछड़े को जन्म दिया।घटना के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति भाजपा नेता डॉ. गुरभाग सिंह ने गाय और उसके बछड़े को पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव कुंवरपुर स्थित अपनी डेयरी पर पहुंचाया। यहां अन्य, पशुओ की भी देखभाल की जाती है। दोनों के लिए चारे, पानी और सुरक्षित रहने की व्यवस्था की गई है।डॉ. गुरभाग सिंह ने कहा कि गोवंश की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति और जनप्रतिनिधि का भी दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि पशुपालक अपने गोवंश को सड़कों पर बेसहारा न छोड़ें तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को स्वयं आगे बढ़कर गोवंश संरक्षण का संदेश देना चाहिए और सक्षम लोगों को बेसहारा गोवंश को गोद लेकर उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उनका कहना था कि यह पहल किसी राजनीतिक प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी के तहत की गई है।
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जिम्मेदारी का संदेश
जिला पंचायत अध्यक्ष डाक्टर दलजीत कौर और उनके पति की इस पहल से यह संदेश भी सामने आया है कि गोवंश संरक्षण के लिए केवल सरकारी गौशालाओं पर निर्भर रहने के बजाय समाज के सक्षम लोगों को भी आगे आना चाहिए। स्थानीय लोगों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यदि अन्य जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी इसी तरह बेसहारा गोवंश के संरक्षण की जिम्मेदारी लें तो सड़कों पर घूमने वाले गोवंश की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।



