गोमती के पुनर्जीवन का रास्ता साफ, 12.26 करोड़ की पहली किस्त जारी, नमामि गंगे मिशन-3 के तहत तीनों झीलों का होगा कायाकल्प,गंदे पानी की रोकथाम के लिए एसटीपी समेत कई कार्य होंगे

गोमती के पुनर्जीवन का रास्ता साफ, 12.26 करोड़ की पहली किस्त जारी, नमामि गंगे मिशन-3 के तहत तीनों झीलों का होगा कायाकल्प,गंदे पानी की रोकथाम के लिए एसटीपी समेत कई कार्य होंगे
पीलीभीत। जनपद की पहचान और आस्था के प्रमुख केंद्र माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम स्थल के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के प्रयासों से भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की नमामि गंगे मिशन-3 परियोजना के तहत 12.26 करोड़ रुपये की प्रथम किस्त जारी की गई है। परियोजना 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता से संचालित होगी।किसान नेता एवं प्रांतीय संरक्षक क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश देवस्वरूप पटेल ने बताया कि गोमती नदी के पुनर्जीवन, उद्गम स्थल की झीलों के संरक्षण, स्वच्छता और अविरल धारा के लिए केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद लगातार करीब दो वर्षों से प्रयासरत थे। परियोजना को स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया है।परियोजना के तहत गोमती उद्गम स्थल की तीनों झीलों का पुनर्जीवन किया जाएगा। वर्षा जल के नियंत्रित प्रवाह के लिए जल निकासी मार्ग विकसित किया जाएगा। करीब 3.23 किलोमीटर लंबे जल निकासी मार्ग की गाद निकासी, सफाई और तलछट की मरम्मत के साथ पाइप समेत अन्य जरूरी कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा आस्था मार्ग, सड़क मरम्मत, सोलर लाइट, चारदीवारी और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।माधोटांडा कस्बे से निकलने वाले घरेलू गंदे पानी को गोमती नदी में जाने से रोकने के लिए प्राकृतिक तरीके पर आधारित एसटीपी संयंत्र स्थापित किया जाएगा। गंदे पानी को उपचार केंद्र तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन, मेनहोल और नालियों का निर्माण व मरम्मत कराया जाएगा। एसटीपी परिसर में कार्यालय, बिजली व्यवस्था कक्ष, पार्किंग, आंतरिक सड़क, पौधरोपण, सोलर लाइट और चारदीवारी जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।परियोजना का उद्देश्य गोमती उद्गम स्थल के जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के साथ प्रदूषण पर नियंत्रण और बिना उपचारित घरेलू गंदे पानी को नदी में जाने से रोकना है। परियोजना पूरी होने के बाद माधोटांडा क्षेत्र से निकलने वाले घरेलू गंदे पानी को उपचारित किए बिना गोमती में नहीं पहुंचने देने की व्यवस्था किए जाने का दावा किया गया है।केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने परियोजना की स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नदियों और जलस्रोतों के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। जल शक्ति मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के सहयोग से गोमती उद्गम स्थल के पुनर्जीवन की दिशा में कार्य आगे बढ़ेगा। परियोजना को मंजूरी मिलने पर क्षेत्रवासियों ने भी खुशी जताई है।



