बसों की सुरक्षा जांच, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी खिड़की का लिया जायजा
मीट एंड ग्रीट’ अभियान में यातायात पुलिस ने रोडवेज व स्लीपर बसों को किया चेक
बसों की सुरक्षा जांच, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी खिड़की का लिया जायजा
‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान में यातायात पुलिस ने रोडवेज व स्लीपर बसों को किया चेक
मीनू बरकाती
पीलीभीत।यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यातायात निदेशालय के निर्देश पर मंगलवार को जिले में ‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यातायात पुलिस और जेडएफडी टीम ने रोडवेज बसों एवं स्लीपर बसों की चेकिंग कर सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। अभियान के दौरान बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा गया।
चेकिंग के दौरान टीम ने बसों में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी खिड़की समेत अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की जांच की। अधिकारियों ने यह भी देखा कि आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बसों में जरूरी इंतजाम मौजूद हैं या नहीं। बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चालक और परिचालकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने बस चालकों और परिचालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया। उन्हें तेज गति, लापरवाही और नियमों की अनदेखी से बचने तथा बस संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए कहा गया।टीम ने चालक- परिचालकों को समझाया कि बस में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा उपकरणों का सही तरीके से इस्तेमाल करने की जानकारी होना भी जरूरी है। इसके साथ ही बसों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि ‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान के तहत बसों की चेकिंग के साथ-साथ चालक और परिचालकों को यातायात नियमों तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ सड़क हादसों की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों को बढ़ावा देना है।अभियान के दौरान यातायात पुलिस एवं जेडएफडी टीम की कार्रवाई से बस संचालकों में भी सुरक्षा मानकों को लेकर सतर्कता दिखाई दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।




