भाकियू की डीएम से मांग, अतिवृष्टि से बर्बाद फसलों का तत्काल सर्वे और मुआवजा दिलाए प्रशासन

भाकियू की डीएम से मांग, अतिवृष्टि से बर्बाद फसलों का तत्काल सर्वे और मुआवजा दिलाए प्रशासन
जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर पानी निकासी और बाढ़ राहत टीमें तैनात करने की मांग
पीलीभीत। जिले में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों की प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वे कराने, मुआवजा देने और जलभराव वाले खेतों से युद्धस्तर पर पानी निकलवाने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धान समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। कई स्थानों पर तैयार धान की फसल पानी में डूबने के साथ गिर रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। संगठन ने जनपद के सातों ब्लॉकों और चारों तहसीलों में टीमें गठित कर तत्काल सर्वे कराने की मांग की है, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द नियमानुसार मुआवजा मिल सके।भाकियू ने जलभराव वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पानी निकासी की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि जहां भी खेतों में पानी रुका है, वहां मशीनरी और कर्मचारियों की टीमें लगाकर तत्काल पानी निकाला जाए। इससे बची हुई फसल को खराब होने से बचाया जा सकेगा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत संसाधन उपलब्ध कराने की मांग
ज्ञापन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त राहत संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। संगठन ने प्रभावित इलाकों में कश्ती, लाइफ जैकेट, खाने-पीने की किट और आवश्यक दवाइयों के साथ राहत टीमें तैनात करने की मांग रखी, ताकि आपात स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल सहायता मिल सके। जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह ने कहा कि किसानों की फसलें पानी में डूबकर खराब हो रही हैं और प्रशासन को स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल निकासी और मुआवजे को लेकर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) किसानों के हक के लिए आंदोलन करने को मजबूर होगी।




